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पिपिली की दुकानें, जिनमें रंग-बिरंगी एप्लिक लालटेनें, छतरियाँ और थैले टँगे हैं

पिपिली

एप्लिक कला का गाँव

पिपिली भुवनेश्वर और पुरी के बीच राजमार्ग पर, राजधानी से लगभग 20 किमी दूर एक छोटा कस्बा है और ओडिशा की सबसे प्रसिद्ध एप्लिक (चंदुआ) कला का घर। कारीगर चटक रंगे कपड़े से पशु, फूल और पक्षियों की आकृतियाँ काटकर पृष्ठभूमि पर सिलते हैं, चमक के लिए छोटे-छोटे शीशे लगाते हैं।

यह परंपरा जगन्नाथ के उत्सवों, खासकर रथ यात्रा के रथों के लिए चँदोवे, छतरियाँ और ध्वज बनाने से पनपी। आज मुख्य सड़क के किनारे लालटेनें, दीवार-सज्जा, थैले और कुशन कवर बेचने वाली दुकानें हैं — और कई में पीछे दर्ज़ी काम करते दिखते हैं।

पिपिली में क्या देखें और करें

मुख्य सड़क पर घूमें

ख़रीदने से पहले पूरी कतार की दुकानें देख लें — गुणवत्ता में बहुत अंतर है। हाथ से सिले सामान मशीन से बने सामान से महँगे हैं और उस दाम के लायक भी।

शिल्प बनते देखें

विनम्रता से पूछें, तो ज़्यादातर दुकानदार कटाई और सिलाई का काम दिखा देंगे।

उत्सव की लालटेन ख़रीदें

बेलनाकार एप्लिक लालटेनें हल्की होती हैं, मोड़कर सपाट हो जाती हैं और बेहतरीन स्मृति-चिह्न हैं।

पिपिली कैसे पहुँचें

  • भुवनेश्वर से: पुरी रोड पर लगभग 20 किमी, कार से 30–40 मिनट।
  • डे-ट्रिप पर: कोणार्क और पिपिली टूर यहाँ रुकता है; पुरी या कोणार्क जाने वाला कोई भी ड्राइवर यह चक्कर लगा सकता है।
  • बस से: भुवनेश्वर–पुरी की हर बस पिपिली से गुज़रती है।

काम की सलाह

  • मोलभाव आम है, पर उसे दोस्ताना रखें।
  • रंग निकल सकते हैं: धोने वाले सामान से पहले पूछ लें कि रंग पक्के हैं या नहीं।
  • दुकानें देर सुबह से शाम तक खुली रहती हैं।

पिपिली के लिए सबसे अच्छे टूर और टिकट

गाइड और वाहन की व्यवस्था के साथ पिपिली देखने का सबसे आसान तरीका ये अनुभव हैं:

पिपिली की दुकानें, जिनमें रंग-बिरंगी एप्लिक लालटेनें, छतरियाँ और थैले टँगे हैं निजी डे-ट्रिप शुरुआत US$88
🕒 8 घंटे 📍 प्रस्थान भुवनेश्वर ⭐ 4.8 (4)

भुवनेश्वर से: कोणार्क सूर्य मंदिर और पिपिली गाँव डे टूर

एक आरामदेह निजी दिन, जिसमें कोणार्क का विशाल पत्थर का रथ और पिपिली का पड़ाव शामिल है — पिपिली की गलियाँ जगन्नाथ के उत्सवों के लिए बने चटकीले एप्लिक चँदोवों, लालटेनों और छतरियों से सजी रहती हैं। सुबह लगभग 8:30 बजे प्रस्थान, दोपहर बाद वापसी।

  • कोणार्क का 13वीं सदी का सूर्य मंदिर (यूनेस्को)
  • पिपिली, चटकीले एप्लिक शिल्प का गाँव
  • होटल पिकअप के साथ निजी वाहन
भुवनेश्वर के पुराने शहर में बिंदु सागर, जिसके पानी में मंदिरों की परछाईं है कई दिनों का टूर शुरुआत US$330 प्रति समूह
🕒 3 दिन 📍 प्रस्थान भुवनेश्वर

2 रात/3 दिन: भुवनेश्वर, कोणार्क और पुरी स्वर्ण त्रिभुज टूर पैकेज

ओडिशा का क्लासिक सर्किट, पूरी व्यवस्था के साथ: तीन आरामदेह दिनों में मंदिरों का शहर, सूर्य मंदिर और जगन्नाथ की पुरी — होटल, परिवहन और कुछ भोजन शामिल। चार लोगों में बाँटने पर यह क्षेत्र घूमने का सबसे किफ़ायती तरीकों में से एक है।

  • एक निजी पैकेज में भुवनेश्वर, कोणार्क और पुरी
  • दो रातों का ठहराव और भोजन शामिल
  • कीमत अधिकतम चार लोगों के समूह के लिए
लाइव उपलब्धता

पिपिली के आसपास के टूर बुक करें

रियल-टाइम कीमतें और उपलब्धता, सीधे GetYourGuide से।

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मंदिर, गुफाएँ, सूर्य मंदिर और समुद्र — एक ही यात्रा में

भुवनेश्वर का पुराना शहर, कोणार्क का पत्थर का रथ और जगन्नाथ की पुरी मिलकर ओडिशा का स्वर्ण त्रिभुज बनाते हैं — तीनों एक-दूसरे से 65 किमी के भीतर। गाइडेड टूर और डे-ट्रिप की तुलना करें और कुछ ही क्लिक में बुक करें।

जानने लायक बातें

पिपिली: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पिपिली किस लिए प्रसिद्ध है?

एप्लिक काम के लिए — जगन्नाथ के उत्सवों से जुड़े रंग-बिरंगे सिले हुए चँदोवे, छतरियाँ, लालटेनें और सजावटी टाँगने वाले कपड़े।

पिपिली में कितनी देर रुकें?

ज़्यादातर लोगों के लिए तीस मिनट से एक घंटा काफ़ी है।

क्या पिपिली पुरी के रास्ते में है?

हाँ, यह भुवनेश्वर और पुरी के बीच मुख्य राजमार्ग पर है, और कोणार्क के रास्ते में भी।